Archive for January, 2016

Home Remedies Of Gau Mutra On Common Disease

Gua Mutra contains carbolic acid which is antigermicidal in action. This is why it purifies and has cleansing action. This is the reason that ancient Vedic scriptures consider Gau Mutra as pure. Modern scientific techniques have proved the presence of phosphates, nitrogen, urea, uric acid, potassium and sodium in it. During lactation period of cow it also contains lactose which has the capacity to improve heart and mental ailments.     The cow whose Gau Mutra is to be consumed should be young and healthy. It should be fed essentially on natural grass that grows in pastures and highlands. One must filter it through thin, clean muslin cloth before consuming it empty stomach, early in the morning. One should not eat anything for one hour after taking it. Children who are still on mother’s feed if given Gau Mutra then their mother’s should also consume it. Taking in of Gau [...]

Read More…

नाभि का खिसकना

नाभि का खिसकना – योग में नाड़ियों की संख्या बहत्तर हजार से ज्यादा बताई गई है और इसका मूल उदगम स्त्रोत नाभिस्थान है। – आधुनिक जीवन-शैली इस प्रकार की है कि भाग-दौड़ के साथ तनाव-दबाव भरे प्रतिस्पर्धापूर्ण वातावरण में काम करते रहने से व्यक्ति का नाभि चक्र निरंतर क्षुब्ध बना रहता है। इससे नाभि अव्यवस्थित हो जाती है। इसके अलावा खेलने के दौरान उछलने-कूदने, असावधानी से दाएँ-बाएँ झुकने, दोनों हाथों से या एक हाथ से अचानक भारी बोझ उठाने, तेजी से सीढ़ियाँ चढ़ने-उतरने, सड़क पर चलते हुए गड्ढे, में अचानक पैर चले जाने या अन्य कारणों से किसी एक पैर पर भार पड़ने या झटका लगने से नाभि इधर-उधर हो जाती है। कुछ लोगों की नाभि अनेक कारणों से बचपन में ही विकारग्रस्त हो जाती है। – प्रातः खाली पेट ज़मीन पर शवासन में लेतें . फिर अंगूठे के पोर से नाभि में स्पंदन को महसूस करे . अगर यह [...]

Read More…